छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में छोटा सा एक गाँव, एक ही दिन में 4 मौतों से मातम का माहौल, चारों तरफ पसरा सन्नाटा

तस्वीर: पवन शाहा दोरनापाल

पवन शाहा दोरनापाल: सुकमा जिले के ग्राम पंचायत चिंतालनार के लिए 10 अप्रैल 2020 का तारीख ग्रामीणों के लिए सबसे मनहूसियत दिन साबित हुआ हैं। बता दे कि शुक्रवार के दिन चिंतलनार के अलग अलग परिवारों में नवजात व महिला समेत 04 लोगो की मौत से स्थानीय लोग पूरी तरह स्तब्ध हैं। वही इस बड़ी घटनाओं इलाके से इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है व गांव में मातम का माहौल छाया हुआ हैं। चिंतलनार पुलिस के एसडीओपी ईश्वर त्रिवेदी व थाना प्रभारी विनय निराला ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना शुक्रवार को हुआ जिसमें चिंतलनार के नवजात व महिला समेत 4 लोगों की मौत हो गईं। जिसके बाद स्थानीयों द्वारा मृतकों के अंतिम संस्करण किया गया।

इन कारणों से हुई मौत

हमारे संवाददाता द्वारा इस बड़ी घटनाक्रम से लोगों के हुए मौत की वजह जाना गया। जिसमे महिला व युवक समेत नाबालिक की मौत की वजह किडनी की समस्या बताया गया है। वहीं प्रसव से जन्मी नवजात शिशु की मौत की वजह अज्ञात बताया जा रहा है। जिसमे 50 वर्षीय करीब जूनकी बाई पति शिषिधर सिन्हा जो कि चिंतलनार महारापारा निवासी की कल रात 9 से 10 बजे के करीब किडनी की बीमारी की शिकायत मौत की वजह तो वहीं 14 वर्षीय नाबालिक अंकित शुक्ला पिता संदीप शुक्ला का भी शुक्रवार की दोपहर को 3 से 4 बजे के करीब चिंतालनार ठाकुरपारा में किडनी की शिकायत होने को लेकर मौत की वजह ग्रामीणों द्वारा बताया गया हैं।

तस्वीर: पवन शाहा दोरनापाल

चिंतलनार पुलिस व स्थानीयों ने बताया कि पिछले 2 – 3 वर्षों से दोनों मृतको को किडनी खराब होने की शिकायत थीं। और दोनों डायलिसिस पर थे। लगातार दोनों का इलाज जारी था। जिसके बाद शुक्रवार को दोनों की मौत की वजह की व मृत्यु का भी दिन एक ही रहा हैं। इस दौरान 25 वर्षीय युवक वासुदेव बाछड़ पिता कृष्णा बाछड़ चिंतलनार के बंगालीपारा का रहवासी की मौत कल समय रात 8 बजे के करीब हुआ है।

बताया जा रहा है कि युवक को काफ़ी लंबे समय से शराब के नशे की लत थीं। युवक को पहले से ही इस बुरी लत की वजह से इससे पहले भी काफी गंभीर तरीके से तबियत बिगड़ गया था। जिसके बाद परिजनों द्वारा युवक के इलाज कर युवक को स्वस्थ कर घर वापस लाया गया। जिसके बाद अचानक युवक की कल शाम तबियत बिगड़ी और युवक की मौत हो गई। वहीं स्थानीय निवासी राजू के घर में रात के करीब 1 से 2 बजे की बीच जन्मी नवजात शिशु की मौत प्रसव के तुरंत बाद ही हो गईं। प्रसव के बाद जन्मी नवजात शिशु की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया हैं।

साप्ताहिक बाजार बंद कर मृतकों को लोगों ने दी श्रद्धांजलि

शनिवार को सुकमा जिले के चिंतलनार में साप्ताहिक हाट बाजार लगता हैं। जिसमे व्यापार के लिए सुकमा जिले के कोंटा दोरनापाल पोलमपल्ली चिंतागुफा व जगरगुड़ा के व्यापारियों द्वारा साप्ताहिक हाट बाजार संचालित किया जाता हैं। जहाँ सैकड़ो की संख्या में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोग खरीदी करने पहुँचते हैं। चिंतलनार का हाट बाजार पर सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक के 50 से 60 ग्राम व ग्राम पंचायतों के लोग व व्यापारी आश्रित हैं। ऐसे में चिंतलनार में हुए इस ग़मगीन घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों व ग्रामीणों द्वारा बाजार बंद रख कर मृतक व मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।

घटनाक्रम के 18 घंटा बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेख़बर

वहीं इस बड़े घटनाक्रम के 18 से 20 घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग मामले से बेख़र था। हमारे संवाददाता से मामले के बारे में जानकारी लेने के दौरान मामले से वे अवगत हुए। बता दे कि चिंतलनार में स्वास्थ्य विभाग का दल मौजूद है और इन दिनों मलेरिया मुक्त अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य अमला का लगातार इन अंदरूनी इलाको में सक्रियता दर्शा रहा है। लेकिन इस बड़े घटनाक्रम से बेख़बर स्वास्थ्य विभाग सवालों के कटघरे में हैं ही साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्तव्यों व जिम्मेदारीयों के प्रति लापरवाही को स्पष्ट करता है।

इस पूरे मामले में सुकमा जिले के सीएमएचओ सी.बी. प्रसाद बंसोड़ ने चिंतलनार में स्वास्थ्य अमला की मौजूदगी के बाद भी मामले से अनजान होने का हवाला देते हुए कहा कि सभी की सामान्य मौत हुई हैं। ऐसे स्थिति में शव परीक्षण अनिवार्य नहीं होता हैं। किसी तरह का आत्महत्या, हत्या, दुर्घटना की स्थित में थाना में रिपोर्ट के बाद ही शव परीक्षण अनिवार्य होता हैं अन्यथा नहीं। वही नवजात शिशु की मृत्यु को जाँच का विषय बताया हैं।

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