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बस्तर

अवधेश गौतम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात पर सरपंचों का जनता से माफीनामा

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खबरी चिड़िया @ दंतेवाड़ा बस्तर में आदिवासियों के सलवा-जुडूम के बाद सबसे बड़े आन्दोलन नंदराज पहाड़ बचाने की लड़ाई को किसी नतीजे पर ना लाकर ख़त्म करके रायपुर जाकर अपने क्षेत्र के कांग्रेसी नेता अवधेश गौतम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात के पीछे समझौते और दलाली का आरोप झेल रहे संयुक्त पंचायत एवं संघर्ष समिति दंतेवाड़ा के पदाधिकारियों ने प्रेस नोट के माध्यम से माफीनामा जारी किया है| संयुक्त पंचायत एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने नंदराज पहाड़ के नाम से रायपुर जाकर मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करना अपनी गलती मानी है और इसके लिए माफ़ी माँगी है| वहीँ माफ़ीनामे को लेकर नक्सली दबाव वाला एंगल की चर्चा भी है|इसके पीछे जो सरपंचो द्वारा माफीनामे में अपने आप के लिए “गद्दार” और “अब गद्दारी नहीं करंगे” जैसे शब्द का प्रयोग इस ओर इशारा कर रहे हैं|

सरपंच संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने खबरी चिड़िया से बातचीत में कहा है कि जनता से लगातार इस बात को लेकर दबाव आ रहा था कि आप लोगों के द्वारा अवधेश गौतम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के कारण जन आंदोलन कमजोर हुआ है|

संयुक्त पंचायत एवं संघर्ष समिति से जुड़े एक अन्य सरपंच ने माफीनामे पर कहा है कि सरपंच लोग 15 जून को गाँव की समस्या को लेकर रायपुर गये थे| जिसके फोटो और वीडियो वायरल हो गये| जिसके बाद हमारे उपर तरह-तरह के आरोप लगाए गये हैं|

बड़े बेड़मा के सरपंच शंकर कुंजाम ने कहा है कि हम लोगों ने अवधेश गौतम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाक़ात की यह हमारी सबसे बड़ी भूल है| जिसके लिए हम जनता से माफ़ी मांगते हुए माफ़ीनामा जारी कर रहे हैं|

मुख्यमंत्री के सामने बैठे अवधेश गौतम उनके पीछे आन्दोलनकारी नेता हाथ बाँधे खड़े

कभी कांग्रेस और भाजपा से बड़ी दंतेवाड़ा विधानसभा में सीपीआई हुआ करती थी| कांग्रेस के कद्दावर नेता स्व. महेंद्र कर्मा ने भी अपनी राजनीति की शुरुआत सीपीआई से की थी। अवधेश गौतम से जनता की नाराजगी और माफीनामे के पीछे एक दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि कभी सीपीआई से जुड़े वर्तमान आम आदमी पार्टी के नेता सुकुल प्रसाद नाग आरोप लगाते हैं कि, अवधेश गौतम ने छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार से मिलकर आदिवासी नेताओं को फँसाकर उनकी बस्तर से नेतृत्व ख़त्म करने की साजिश रची थी जिसके कारण सीपीआई के ही ज्यादातर नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया| बात दरअसल यह है कि साल 2010 की 08 जुलाई गुरुवार को दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा पुलिस थाने और नकुलनार के कांग्रेसी नेता अवधेश गौतम के घर पर तड़के सशस्त्र नक्सलियों ने गोलीबारी की थी| इस गोलीबारी में अवधेश गौतम के  02 संबंधी मारे गए थे जबकि उनका एक सुरक्षाकर्मी और 11 वर्षीय पुत्र घायल हो गया था|

अवधेश गौतम के घर पर हमला मामले में प्रतिबंधित सशस्त्र संगठन सीपीआई (माओवादियों) के नेताओं को पकड़ना छोड़ बस्तर के सीपीआई के नए उभरते नेताओं की एक फेहरिस्त के खिलाफ कारवाई करते हुए तत्कालीन भाजपा सरकार की दंतेवाड़ा पुलिस ने करीब 77 लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था| जिनमें अधिकांशतः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के दक्षिण बस्तर में बड़े और उभरते हुए चेहरे थे| ज्यादातर नेता इन्ही इलाकों से आते हैं | जिन इलाकों के आन्दोलनकारी गुट संयुक्त पंचायत एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपना माफीनामा जारी किया है| अवधेश गौतम के घर पर हमला मामले में सीपीआई नेता सुकलधर प्रसाद नाग, छन्नू मंडावी, सुदरू कुंजाम, लाला कुंजाम, हरीश पोड़ियाम, भीमा कुंजाम, राजू कुंजाम, सहित सोनी सोढ़ी, लिंगा राम कोड़ोपी और सोनी सोरी के पति अनिल फुटाने एवं करीब 77 लोगों को आरोपी बनाया गया था| इस गिरफ्तारी के बाद दक्षिण बस्तर से सीपीआई की राजनीति हाशिये पर चली गई लेकिन नक्सलवाद फलता फूलता रहा| बाद में किसी भी नेता या कार्यकर्ता पर अवधेश गौतम के घर पर हमले की साजिश का आरोप साबित नहीं हो पाया और सारे लोग जेल की सलाखों से बरी होकर बाहर आये|

कांग्रेसी नेता अवधेश गौतम ने अपने उपर लगे इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने जो नंदराज पहाड़ को लेकर घोषणा किया, वह ऐतिहासिक निर्णय था| सरपंच अपनी मर्जी से मिलने रायपुर आये थे| एयरपोर्ट पर मुलाक़ात के दौरान मेरे अलावा और भी पार्टी के लोग सामने थे| अगर पीछे से कोई राजनीति कर रहा है तो इसमें कोई क्या कर सकता है| वहीँ 2010 में अवधेश गौतम के घर में हुए नक्सली हमले में सीपीआई नेताओं को फँसाये जाने के सवाल पर अवधेश गौतम कहते हैं कि जब मेरी गवाही हुई तो मैंने सामने आकर बोला की इसमें ये लोग आरोपी नहीं थे| मैंने किसी भी सीपीआई नेता का नाम नहीं लिया, मैंने किसी को नहीं फंसाया था|

अवधेश गौतम ( कांग्रेसी नेता और ठेकेदार)

संयुक्त पंचायत एवं संघर्ष समिति दंतेवाड़ा के जिन पदाधिकारियों ने माफीनामा जारी किया है उनके नाम शंकर कुंजाम सरपंच बड़े बेड़मा, राजू भास्कर जनपद सदस्य टिकनपाल, मड़का ताती सरपंच टिकनपाल, बामन ताती ग्रामीण टिकनपाल, भीमा राम मंडावी सरपंच के पति चोलनार, अर्जुन मंडावी जनपद सदस्य चोलनार, पंजामी भूतपूर्व सरपंच चोलनार, जोगा कुंजाम ग्रामीण गुमियापाल, नंदाराम मरकाम सरपंच मड़कामीरास, जोगेंद्र मंडावी सरपंच कोरीरास, मंगू मंडावी सरपंच हितावर, सुखराम सरपंच पाढापुर, पोदिया सरपंच नकुलनार, सावन कुमार नाग सरपंच मैलावाड़ा, जोगा ओयामी सरपंच श्यामगिरी, मंगल कोर्राम पंच श्यामगिरी, संतोष मुड़ामी ग्रामीण हड़मामुण्डा, महेश कुमार पोड़ियामी पंच बड़े बेड़मा, संजय कुमार सरपंच समेली, सोनाराम मण्डावी सरपंच महराकरका शामिल हैं|

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