बस्तर

तीन जिलों के 10 हजार ग्रामीणों की आवाज कुचलने कांग्रेस सरकार में लाठीचार्ज और सोनी सोरी की गिरफ्तारी

खबरी चिड़िया @ रायपुर कांग्रेस ने चुनाव के पूर्व जनता से वादा किया था कि जेल में बंद सैकड़ो निर्दोष आदिवासियों की रिहाई शीघ्र सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल खत्म होने को है जेल बंदियों की रिहाई आज तक नहीं हो पाई। इससे खफा आदिवासियों ने आज से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण आंदोलन करने की ठान ली थी। जिसके लिए उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी से सहयोग माँगा था। सोनी सोरी के साथ आज से तीन जिलों के करीब 10 हजार लोग अपने परिजनों की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण सभा करने जुट रहे थे। सभा में पहुँच रहे आदिवासियों को लाठी और डंडे से मारकर भगाया गया है।

फर्जी गिरफ्तारियों और मुठभेड़ के लिए कुख्यात दंतेवाड़ा जिले में हाल ही में पुलिस ने दो आदिवासियों की फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर अन्य दो प्रत्यक्षदर्शियों में से एक को 164 की गवाही करवाई तो दूसरे को नक्सली बताकर आत्मसमर्पण कराया। ऐसा तो होता ही आया है और सुनिए पुलिस अक्सर नक्सली मामले में उस क्षेत्र के नक्सलियों के साथ गाँव के लोगों को भी आरोपी बना लेती है।

आज दैनिक भास्कर में छपी खबर

ऐसे फर्जी मामलों में गिरफ्तार लोगों की रिहाई के लिए अनिश्चितकालीन सभा कुआकोंडा में होना था। जो आदिवासियों का बिल्कुल ही शांतिपूर्ण आंदोलन था। सोनी सोरी ने इसके लिए बाकायदा एसडीएम दंतेवाड़ा को पत्र लिखकर सूचना भी दी थी। एसडीएम को चाहिए था कि इन आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर उनके रुकने का इंतजाम करने सरकार को सूचित करें। क्योंकि फर्जी मामलों में सालों से जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई कांग्रेस की सरकार के एजेंडे में है।

लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की दंतेवाड़ा पुलिस ने सोनी सोरी को 151 के उल्लंघन का आरोपी बताते गिरफ्तार कर लिया है। आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ में हत्या करने वाले अब भी सलाखों के बाहर हैं। ये हत्यारे वे नक्सली हैं जो आत्मसमर्पण कर पुलिस बन गए हैं और फिर से बंदूक लेकर गाँव मे जाते हैं और आदिवासियों के साथ अत्याचार कर उनकी हत्या कर देते हैं। आज सोनी सोरी की गिरफ्तार करने वे नक्सली भी आये थे। जिन पर सैकड़ों आदिवासियों की हत्याओं का आरोप है। जो पुलिस की वर्दी में हत्यारे हैं।

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