बस्तर

बारसूर के जंगल में फुटू खोजने निकले ग्रामीण पर भालू ने किया हमला

जोगेश्वर नाग @ बारसुर बस्तर के जंगलों में आदिवासियों की जान हमेशा मुसीबत में रहने लगी है। कभी नक्सलियों से कभी पुलिस के हाथों मारे जाने वाले निर्दोष ग्रामीणों की जान अब बिना इजाजत जंगल में घूमने वाले नक्सलियों और पुलिस के कारण भी मुसीबत में फँसने लगी है। जंगलों में जानवरों के संरक्षित रहवास क्षेत्र में नक्सलियों और पुलिस जवानों की चहलकदमी के कारण जंगली जानवर अब कस्बों के नजदीक पहुँचने लगे हैं। बस्तर के जिन इलाकों में जंगली जानवर कभी दिखाई नहीं देते थे, ऐसे इलाकों में जानवरों द्वारा आदिवासियों पर जानलेवा हमले होने शुरू हो गए हैं।

ताजा मामला बारसूर नगर के करीब जंगल का है जहाँ आदिवासी सामान्यतया अपने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने लकड़ियों और जंगली कंद मूल फल जड़ी बूटी आदि खोजने जाते रहते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक नगर से सटे जंगल में भालू ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। जिसके कारण ग्रामीण आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गया है। मामला बारसूर थाना क्षेत्र के जंगल का है। जहाँ नयापारा के शिवचंद नामक आदिवासी ग्रामीण पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल शिवचंद को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारसुर में डॉक्टर गणेश बाबू ने प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल दन्तेवाड़ा रेफर कर दिया। शिवचंद पास के जंगल में फुटु (मशरूम) की तलाश में गए हुए थे ।

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