बस्तर

माओवादियों के इलाके ककाड़ी और नहाड़ी गाँव में डॉक्टरों ने की आंध्रप्रदेश से लौटे 150 मजदूरों की जाँच

खबरी चिड़िया @ दंतेवाड़ा ककाड़ी और नहाड़ी क्षेत्र जो नक्सलियों का हॉट बेल्ट माना जाता है जहाँ माओवादी नेता चैतू दादा की हुकूमत चलती है। उस क्षेत्र के रहने वाले करीब 150 से ज्यादा मिर्ची तोड़ने गए मजदूर आंध्रप्रदेश से जंगली रास्तों से रविवार और सोमवार को लौटे हैं।

जिन्हें मेडिकल जाँच की आवश्यकता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की चिरायु की टीम कुआकोंडा CMHO डॉक्टर शांडिल्य और RBSK के नोडल डॉक्टर एस. मंडल के निर्देश पर निकली थी। इस टीम में डॉक्टर लक्ष्मी के साथ डॉक्टर रवि कुमार कोरी, डॉक्टर नेहा पैकरा, अंजलि, राजेश्वरी, अनुराधा अौर महेन्द्रा के पहुँचे थे। ग्रामीणों की जांच कर उन्हें होम कोरोंटाइन में रखा गया है।

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा का ककाड़ी और नहाड़ी गाँव का इलाका बीहड़ नक्सल क्षेत्र है। इस इलाके में जाने के लिए टूटी फूटी कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। इस रास्ते में ककाड़ी गाँव के करका पारा के पास जैसे ही टीम पहुँची तो उनके होश उड़ गए जब उन्होंने देखा कि सड़क पर बरसाती पूल बह चुका था। जिसके कारण उनकी गाड़ी अब आगे नहीं जा सकती है। डॉक्टरों की टीम को अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए घण्टों मशक्कत कर रास्ता दुरुस्त करना पड़ा तब अपनी मंजिल तक पहुँच पाए।

डॉक्टरों को टीम को नहाड़ी पहुँचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। जहाँ करीब 60 मजदूरों का स्क्रीनिंग किया गया। रविवार और सोमवार की स्क्रीनिंग में सभी 150 मजदूर स्वास्थ्य पाए गए हैं। जिनमें से किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। परंतु 100 से 200 किलोमीटर दूर पैदल चलकर आने की वजह से कुछ मजदूरों को डिहाइड्रेशन तथा कुछ के पैरों में चलने की वजह से सूजन की शिकायत है।

ग्रामीणों को 28 दिन के लिए होम कोरोंटाइन किया गया है। सभी ग्रामीणों को दवाई देकर कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोना, लोगों से दूरी बनाए रखना और घर से बाहर जाने पर मुँह को ढंक कर रहने जैसे उपाय बताया गया।

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