बस्तर

कांग्रेसी विधायक के लिए कांकेर थानेदार ने किया थर्ड डिग्री टॉर्चर टेंट व्यवसायी हुआ पागल

खबरी चिड़िया @ कांकेर विधायक शीशुपाल शोरी की गाड़ी को लापरवाही से ठोकर मारने की सजा एक युवक को अपना दिमाग गंवाकर और परिवार को भूखों तरसने पार मजबूर करने की मिली है क्योंकि विधायक कांग्रेसी है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है।

ज्ञात हुआ है कि टेंट व्यवसाय करने वाले ग्राम सिदेसर निवासी श्रवण कुमार साहू ने 12 मई को कांकेर की किसी सड़क में रोज होने वाली दुर्घटनाओं की तरह या तो सामने वाले की या खुद की लापरवाही से किसी स्कार्पियो को ठोकर मार दिया था और भागकर घर चला गया। जैसा कि अक्सर सभी ड्राईवर करते हैं। पर उसे नही पता था कि यह सामान्य घटने वाली घटनाओं में से नही था। उसने जिस गाड़ी को ठोकर मारी थी वह गाड़ी क्षेत्र के विधायक की गाड़ी थी और कांकेर थाना में जल्लाद टीआई उनका सेवक का पद सम्भाल रहा है।

फिलहाल घटना क्या हुई होगी, आप समझ ही गए होंगे, पर यहां निर्ममता ज्यादा ही हो गई और उस दिन से लेकर आज की तारीख तक श्रवण अपनी चेतना भूल चुका है और लगातार ईलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती है । अब आगे की घटना श्रवण साहू की पत्नी तेजबाई की उस शिकायत के आधार पर सुनिए जिसे उसने कांकेर के पुलिस अधीक्षक से लेकर बीच के तमाम जवाबदारों से होते हुए सीधे, सरल, सहज छतीसगढिया मुख्यमंत्री तक भिजवा चुकी है। तेज बाई का कहना है कि उसने और उसके वोट कांग्रेस को ही दिया था। पर अब उसे इतने दिनों में अपनी जमा पूंजी बेचकर ईलाज करवाते समझ मे आ गया है कि सरकारें आती है और जाती बस है। जनता के भाग्य में तो मोतीराम पटेल जैसे गुंडों से पिटना और लूटना ही लिखा है ।

तेजबाई ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि पुलिस थाना कांकेर के निरीक्षक एमआर पटेल के द्वारा मेरे पति श्रवण कुमार साहू पिता पिलाराम साहू निवासी ग्राम सिदेसर तहसील , थाना, जिला कांकेर को दिनाँक 12 मई को पुलिस थाना के प्रभारी एमआर पटेल मेरे पति को पकड़कर थाना ले गये एवं उनके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जिससे मेरे पति की मानसिक स्थिति खराब हो गई। जिसका ईलाज वर्तमान में धन्वतरी अस्पताल कोलर रायपुर में चल रहा है। इस घटना से एवं टीआई के मारपीट से मेरे पति की मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ा है जिससे उनकी सोचने समझने की शक्ति चली गई है ।

मेरे पति टेंट एवं केटरिंग का कार्य करते है । उनकी मानसिक स्थिति खराब होने तक उसके साथ मारपीट एवं प्रताड़ित करने वाले निरीक्षक एमआर पटेल के उपर हमारा परिवार कार्यवाही चाहती है क्योकि मेरे पति के विक्षिप्त होने से हमारा परिवार के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई है । उन्होंने कहा हैं आवेदन में कि ऐसे लापरवाह पुलिस अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर उनके विरूद्ध कानुनी कार्यवाही कर मेरे साथ न्याय करने का कष्ट करें । ताकि किसी अबला के पति के साथ राजनैतिक दबाव में ऐसा कृत्य न हो।

तेज बाई को लगा था कि “सरकार बदली है अब जनता की मांग सुनने के लिए छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री मिला है तो उसकी सुनी जाएगी, पर सुनी नही गयी। मुख्यमंत्री महोदय के पीए ने रोज के हजारों शिकायत की तरह उसकी शिकायत भी कूड़े में डाल दिया होगा। यह इसलिए भी कि कांकेर के अधिकांश पत्रकारों ने घटने की रिपोर्ट ही नही छापी । उनका नहीं छापना भी लाजिमी है क्योंकि कांकेर के विधायक की गाड़ी का मामला है और जालिम पुलिस तो कई के अच्छे मित्र हैं । तो कुल मिलाकर रिपोर्ट तो मेरी भी हो गई पूरी । अब जिस मामले में धारा 279 के तहत ज्यादा से ज्यादा दो हजार जुर्माने की सजा होनी थी। उसमें कांकेर के थानेदार ने न केवल उसे दिमाग़ी अपाहिज बना डाला। बल्कि पूरे परिवार को जीवन भर भुगतने की सजा खुद दे दी। और अब और सीना तान कर कांकेर की सड़कों पर चलने लगा है। इसलिए आप भी कांकेर से गुजरते हुए सावधान रहिये कि वहां ” रावड़ी राठौर ” मोतीराम पटेल रहता है जो विधायक का आदमी है । इसीलिए यहां के एसपी ने अभी तक उससे जवाब तलब भी नही किया है ।

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