छत्तीसगढ़

ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ दूसरे राज्य भी करें स्वीकार : भूपेश बघेल

  • मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र
  • छत्तीसगढ़ के ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ’पढ़ई तुंहर दुआर’ उनके यहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए किया ऑफर
  • श्री बघेल ने कहा सभी हिन्दी भाषी राज्यों के शिक्षक और विद्यार्थी यदि एक ही पोर्टल साझा करेंगे तो बढ़ेगा ज्ञान का भंडार और सबको होगा लाभ
  • एक सप्ताह में ही 65 लाख पेज व्यू, 6.50 लाख से अधिक विद्यार्थी अपना पंजीकरण करके 1.26 लाख से अधिक शिक्षकों से पढ़ रहे हैं
  • किसी प्रकार का शुल्क दिए बिना किसी भी राज्य में किया जा सकता है उपयोग, हिन्दी भाषी राज्यों के लिए बहुत उपयोगी
  • राज्य की आवश्यकता के अनुरूप हो जाएगा अनुकूलन

सरकारी खबर @ रायपुर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों के लिए घर बैठे पढ़ाई हेतु प्रारंभ किए गए ऑनलाईन शिक्षा पोर्टल ’पढ़ई तुंहर दुआर’ को उनके यहां के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ऑफर किया है। श्री बघेल ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गोवा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिसा और पंजाब के मुख्यमंत्री को यह पत्र लिखा।श्री बघेल ने अपने पत्र में लिखा है- नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए भारत में पिछले तीन सप्ताह से लाॅकडाउन चल रहा है, जिसे आगामी 03 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। लाॅकडाउन के समय सभी स्कूल काॅलेज बंद हैं और निकट भविष्य में इनके खुलने की संभावना भी नहीं है, ऐसे में बच्चें की पढ़ाई जारी के लिए ऑनलाइन पढ़ाई ही एकमात्र तरीका है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि छत्तीसगढ़ ने एक ऑनलाइन सम्पूर्ण ई-लर्निंग पोर्टल विकसित कर लिया है, यह पोर्टल सभी के लिए निःशुल्क है और cgschool.in पर उपलब्ध है।

इसका नाम हमने छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ रखा है, जिसका अर्थ हैं, घर बैठे पढ़ाई। इस पोर्टल की खासियत यह है कि भौतिक कक्षा का ही ऑनलाइन रूप है, जिसमें विद्यार्थियों को पढ़ने तथा सीखने की सभी सुविधाएं ऑनलाइन मिलती हैं। सभी कक्षाओं और विषयों के वीडियो लैक्चर सिलसिलेवार उपलब्ध है, जिन्हें विद्यार्थी अपनी सुविधा से देख सकते हैं और अपनी गति से सीख सकते हैं। इसी प्रकार पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझाने के लिए ऑडियो तथा पीडीएफ के रूप में भी बहुत अच्छी सामग्री उपलब्ध है। कोई बात समझ में न आने पर विद्यार्थी ऑनलाइन प्रश्न पूछ सकते हैं और शिक्षक उन्हें ऑनलाइन उत्तर दे सकते हैं, इस प्रकार विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन शंका समाधान भी उपलब्ध है। होमवर्क के प्रश्न ऑनलाइन उपलब्ध है, जिन्हें विद्यार्थी अपनी काॅपी में हल करके शिक्षकों को ऑनलाइन भेज सकते हैं और शिक्षक होमवर्क का मूल्यांकन करके विद्यार्थी को वापस भेज सकते हैं। ऑनलाइन इंटरएक्टिव कक्षाएं भी ली जा सकती है।

हमने इस पोर्टल को विगत 7 अप्रैल को स्कूल शिक्षा के लिए प्रारंभ किया था, मात्र एक सप्ताह में इसके 65 लाख पेज व्यू हो गए हैं तथा 6.50 लाख से अधिक विद्यार्थी अपना पंजीकरण करके 1.26 लाख से अधिक शिक्षकों से पढ़ रहे हैं, इस संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, हाल ही में हमने इस पोर्टल को महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए भी खोल दिया है। इस पोर्टल की सबसे अच्छी बात यह है कि बिना किसी प्रकार का शुल्क दिए किसी भी राज्य में इसका उपयोग किया जा सकता है, विशेषकर हिन्दी भाषी राज्यों के लिए यह बहुत उपयोगी है। मुझे जानकारी मिली है कि सभी राज्य ऑनलाइन पढ़ाई की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। मैं छत्तीसगढ़ का यह पोर्टल आपके राज्य के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ऑफर करना चाहता हूं।

श्री बघेल ने कहा कि मेरा विश्वास है कि सभी हिन्दी भाषी राज्यों के शिक्षक और विद्यार्थी यदि एक ही पोर्टल जानकारी साझा करें और एक-दूसरे से सीख सकें तो ज्ञान का भंडार बढ़ता ही जायेगा और सबको लाभ होगा। आप यदि इस पोर्टल में अपने राज्य की आवश्यकता के अनुरूप कुछ अनुकूलन करना चाहेंगे तो हम आपके चाहे अनुसार अनुकूलन भी कर देंगे। आपके विद्यार्थी और शिक्षक इस पोर्टल का उपयोग करना तत्काल प्रारंभ कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी आपके अधिकारियों के साथ मिलकर आपको इसका एक डेमो भी दे सकते हैं। कृपया अपने अधिकारियों से छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने को कहें। मुझे विश्वास है कि यह ऑनलाइन पोर्टल देश के सभी विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।

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