बस्तर

बड़े गुडरा को दो पंचायतों में बाँटने का विरोध तेज

खबरी चिड़िया @ किरंदुल देश में बँटवारे की राजनीति कोई नई बात नहीं है। कभी अंग्रेज बाँट कर देश को चले जाते हैं तो कभी गाँव को बाँटने की साजिश रची जाती है।

बँटवारे की राजनीति से जुड़ा ताजा मामला बड़े गुडरा ग्राम पंचायत का है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी लोगों ने अपने फायदे के लिए ग्राम सचिव के साथ मिलकर पंचायत को बाँटने की साजिश रच डाली है। जिसके तहत ग्राम के कुछ लोगों के द्वारा अलग पंचायत बनाने की माँग का आवेदन सरकार के अफसरों को किया गया है।

इसकी जानकारी गाँव में रहने वाले किसी भी आदमी को नहीं दी गई है। जिसके खिलाफ बड़े गुडरा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, सैकड़ो ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हैं।

बड़े गुडरा गाँव के वार्ड पंच हेमलाल कुंजाम ने हमें बताया कि दो तीन दिन पूर्व हमें पता चला है कि हमारे गांव बड़े गुडरा को दो भागों में बाँटकर नया ग्राम पंचायत एवं राजस्व ग्राम पंकनाचुआ बनाया जा रहा है। बड़े गुडरा पंचायत 9 पारा से मिलकर बना है। वर्तमान में 4 पारा को अलग कर पंकनाचुआं के नाम से बिना गांव वालों की जानकारी के अलग गांव एवं पंचायत का सीमांकन किया गया है। जिसमें बाबु पारा, लोहार पारा, कुंजाम पारा, कनकी पारा को अलग कर दिया गया है। गांव वाले इसके विरोध में कलेक्टर को अलग न करने की मांग कर ज्ञापन सौंपे हैं। गांव में (1) ,बुर्जी पारा ( 2),कोवसी पारा ।(3,)बुर्का पारा।,(4,)डोगा पारा ।(5,)टीटो पारा (6),कुंजाम पारा।(7),लोहारा पारा ।(8,)बाबू पूरा।(9) कनकी पारा मिलाकर कूल नौ पारा हैं । जो नया गाँव बनाया गया है उसका नाम पंकानाचुआं रखकर 04 पारा (मोहल्ले) को शामिल किया गया है।

वे आगे कहते हैं कि हमारे गांव को हज़ारो वर्ष पूर्व गायता, माता पुजारी जगह पेरमा ग्राम पटेल और ग्रामवासियों के द्वारा पारम्परिक सीमा निर्धारित कर 9 अलग-अलग पारा मिला कर बड़े गुडरा ग्राम का नाम रखा गया था। हमारे ग्राम बड़ेगुडरा से कुछ पारा को अलग कर नवीन ग्राम पंचायत एवं राजस्व ग्राम पंकनाचुआ बनाने पर हमारी पारम्परिक देव सीमा भी प्रभावित होगी। इसीलिए हम अपनी मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप दिए है। जिन स्वार्थी लोगों ने अलग पंचायत की मांग करने संबंधी फर्जी प्रस्ताव बनाकर सरकार को दिया है। उनको कठोरतम दंड दिए जाने की माँग की गई है। ग्रामीणों की माँग है कि उक्त फर्जी प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए अन्यथा ग्रामीण आगामी पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

आपको बता दे की पंचायत राज्य अधिनियम 1993 के बाद भारत के पांचवी अनुसूचित क्षेत्रो के लिए 1996 पंचायत पर विस्तार का कानून पेशा कानून बना जिसके तहत किसी भी गांव के ग्रामसभा को गांव के विकास एवं ग्राम के संचालन हेतु स्वशासी शक्तियां प्राप्त हैं। उक्त नवीन ग्राम पंचायत एवं राजस्व ग्राम पंकनाचुआ को नियमतः सृजन करने ग्राम सभा का प्रस्ताव जिला प्रशासन को प्रस्तुत किया गया होगा लेकिन इस संबंध में गांव के लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई और न ही गांव में ग्रामसभा का आयोजन हुआ। ऐसे में ग्राम सभा का प्रस्ताव पूर्ण नहीं माना जा सकता है। बड़े गुडरा गाँव के मतदाता सूची के आधार पर 2110 लोग शामिल हैं। इस आधार पर ग्राम सभा में एक तिहाई लोगो की उपस्थिति होना अनिवार्य है जो की पूर्ण नहीं किया गया है।

To Top
Open chat