छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पुलिस पर ग्रामीणों से मारपीट व कुत्ते से कटवाने का आरोप, नक्सलियों ने जारी किया वीडियो

(तस्वीर: स्क्रीनशॉट)

जगदलपुर: सुरक्षा बल के जवानों पर ग्रामीणों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए किष्टाराम एरिया कमेटी माकपा माओवादी पार्टी ने पहली बार वीडियो और प्रेस नोट जारी किया है। 

छत्तीसगढ़ की खबर के मुताबिक किष्टाराम एरिया कमेटी ने प्रेस नोट में कहा है कि केन्द्र-राज्य सरकार समन्वय में क्रांतिकारी आंदोलन को खत्म करने के लक्ष्य से समाधान रणनीति अभियान को अंजाम दिए जा रहे हैं। पुलिस अर्ध सैनिक बलों व डीआरजी गुण्डों ने संयुक्त रूप से गश्ती सर्चिंग के दौरान गांवों पर हमला कर जनता के धन साल को लूटकर नुकसान पहुंचाना, निर्दोष लोगों को पकडक़र मारपीट करना जेलों में ठूसना, महिलाओं के अमानवीय व्यवहार करना सशक्त बल के लिए साधारण बात हो गई। लोन वराटु अभियान के तहत हमारे पार्टी के कार्यकर्ताओं को कमजोर कर पार्टी व आंदोलन से अलग करने के लक्ष्य से इस अभियान को चलाया जा रहा है। 

आगे कहा कि सुकमा जिले के किष्टाराम थाना अंतर्गत बेरमाजोड़ी गांव से 7 सितम्बर को हमला कर आम जनता का तीर, धनुष, टंगिया को लूट कर ले गए। वापस जाने वक्त पुलिस कोमालपाड़ में दुधी जोगा, हुंगा इन लोगों को कैम्पों में यातना दे रहे हैं। इनके मात्र दुधी कोसी, कोवासी हड़मे, मडक़ाम जोना, मडक़ाम मंगड़ी, मडक़ाम पोज्जे, वंजाम मुय्ये, पूनेम मूखे और माड़वी बीड़े पर पुलिस बलों द्वारा कुत्ते छोड़ दिए गए जिसमें दो महिला गंभीर रूप से घायल हुई हैं। 

9 सितंबर को भेज्जी एनाडमडगु कैम्प से डीआरजी सीआरपीएफ पुलिस बलों ने एताम गच्चनपल्ली गांवों का रात 3 बजे घेराव कर हमला किए, इसमें 6 लोगों की पिटाई की गई। अगस्त 18 को किष्टाराम थाना कैम्प से डीआरजी बलों ने दोकपाड़ गांव में हमला कर लाइट इत्यादि सामान लूटा गया है। इसके पहले 1 अगस्त को कोमालपाड़ गांव को घेरकर हमला किया गया। इसमें माड़वी पाण्डु सोडी भीमा मडक़म लखमा पाण्डु को जबरदस्ती आत्म समर्पण करवाकर छोड़ा गया। माडवी पाण्डु मोड़ी भीमा की बेदम पिटाई कर जेल में ठूसा गया है। 

2020 मार्च में कोरोना महामारी के चलते आम जनता को लॉकडाउन के नाम से सडक़ों पर पिटाई करना, लोकल बाजारों को बंद करवाकर जनता के राशन पानी पर रोक लगाना, लॉकडाउन करना, पुलिस बलों को बिना रोकथाम का राशन पानी पहुंचाना उनके लिए लॉकडाउन नहीं है। दूसरी तरफ जनता पुलिस दमन से जूझ रही है।

इस पुलिस दमन को नेतृत्व किए मडक़म मुदराज आयना पेंटा, अर्जुन (कुडमा) नवीन रामा जैसे खुंखार डीआरजी गुण्डों को कड़ी से कड़ी सजा भुगतना पड़ेगा।

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