छत्तीसगढ़

दुष्कर्म के आरोपी को संरक्षण, अग्नि से जुड़े सलवा जुडूम नेता पी.विजय का पुतला दहन, विरोध के बाद आरोपी गिरफ्तार

  • आदिवासी समाज के हस्तक्षेप से दो दिन बाद मामला दर्ज
  • आरोपी सलाव जुडूम नेता का भतीजा, घटना से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश
  • एफआईआर में देरी पर कोंटा थाना प्रभारी पर गिर सकती है गाज

सुकमा: जिले के कोंटा नगर में एक पांच वर्षीय मासूम से दुष्कृत्य का मामला प्रकाश में आया है. इस घटना को अस्पताल पारा के एक किराना दुकान संचालक  द्वारा अंजाम दिया गया है. घटना के दो दिन बाद आदिवासी समाज के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है. इधर पांच वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद आदिवासी सामाज में भारी आक्रोश है. समाज प्रमूखों ने आरोपी के चाचा व सलवा जुडूम नेता पी. विजय पर मामले को दबाने व संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पुतला फूंका और कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है. इस मामले को लेकर एफआईआर में देरी पर कोंटा थाना प्रभारी के खिलाफ कारवाई की जा सकती है.

आरोपी को संरक्षण देने वाले सलवाजुड़ुम नेता पी. विजय का पूतला दहन 

मिली जानकारी के अनुसार 07 जुलाई की दोपहर को पांच साल की मासूम पास के दुकान में सामान खरीदने गई थी. इस दौराना 27 वर्षीय संदीप नायडू द्वारा बालिका को चॉकलेट के बहाने अंगों के साथ छेड़खानी किया गया. जिसके बाद बच्ची वहाँ से रोते हुए अपने घर भाग गई. बच्ची की माँ और मोहल्ले की औरतें रिपोर्ट लिखाने थाना पहुंचे, पर जांच के नाम पर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी गई. घटना के दो दिन बाद आदिवासी कोया समाज को घटना की जानकारी मिली. 09 तारीख को आदिवासी समाज के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद कोंटा थाने में मामला दर्ज हुआ. तब घटना के दो दिन बाद नाबालिग का मेडिकल टेस्ट कराया गया, वही आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है.

05 साल की मासूम आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी संदीप नायडू और उसके कथित संरक्षक पी.विजय के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर शुक्रवार को आदिवासी समाज ने कोंटा में उग्र प्रदर्शन किया. समाज ने आरोपी के संरक्षक पी. विजय पर कार्यवाही की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप पुतला फूंका. अजजा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष वेका हुंगा के नेतृत्व में आदिवासी समाज के नेताओं द्वारा प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. जिसमें उल्लेख किया गया है कि दुष्कर्म के आरोपी को पी. विजय द्वारा संरक्षण दिया गया है. आदिवासी समाज ने राज्यपाल से पी. विजय के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कारवाई की मांग की है.

वेको हुंगा, जिला अध्यक्ष, अजजा प्रकोष्ठ का कहना है कि ‘दुष्कर्म का आरोपी संदीप नायडू सलवा जुडूम नेता पी विजय का भतीजा है. 2006 से पी विजय द्वारा क्षेत्र के आदिवासियों को डरा धमका कर शोषण किया जाता रहा है.  पी विजय खुद को मिले सुरक्षा गार्डों का दुरूपयोग करते हुए जुआ, सट्टा जैसे धंधों में भी लिप्त है और इनके खिलाफ स्थानीय थाने में 11 से ज्यादा अपराध दर्ज है. ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.”

दीपिका सोरी, समाजसेविका का कहना हैै कि “कोंटा के 05 वर्ष की नाबालिग बच्ची के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया है वह घृणित मानसिकता को दर्शाता है. ऐसे व्यक्ति समाज के लिए अभिशाप हैं. समाज में सभी वर्ग की बालिकाएं सुरक्षित रहे इसके लिए हम सब को मिलकर प्रयास करना होगा. ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उसने जो अपराध किया है उसके लिए उसे सजा अवश्य मिलेगी. क्षेत्र में किसी भी वर्ग की बालिका या महिला के साथ ऐसा दुर्व्यवहार अक्षम्य है.”

इस मामले में शिवानंद सिंह, थाना प्रभारी कह रहे हैं कि ” बच्ची के परिजनोंं ने किराना दुकान संचालक संदीप नायडू के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है. परिजनों के रिपोर्ट के आधार पर धारा 376(क) (ख), 6 पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.”

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