बस्तर

किरन्दुल के रिहाइसी कॉलोनी में बना दिया क्वारंटीन सेंटर, निर्दलीय पार्षद ने की जगह बदलने की मांग

किरन्दुल के रिहाइसी इलाके में प्रशासन का क्वारंटीन सेंटर (तस्वीर: स्पेशल अरेंजमेंट)

  • एसडीएम और तहसीलदार को लोगो की परेशानियों से करवाया अवगत

किरन्दुल: बैलाडीला लौह अयस्क परियोजना क्षेत्र किरन्दुल के चीता कालोनी रिहाइसी इलाके में प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर बनाया है । इस सेंटर में बचेली से सीआईएसएफ के जवानों को यहाँ लाकर रखा जा रहा है । यही से तीन दिन पहले 5 जवान कोरोना पॉजिटिव निकले थे जबकि किरंदुल में अब तक कोरोना पॉजिटिव एक भी केस सामने नहीं आया है। जनता ने क्वारंटीन सेंटर रिहाइसी इलाके से हटाने की मांग की है । क्वारंटीन सेंटर रिहाइसी कॉलोनी में बनाए जाने से लोग काफी दहशत में है।

किरंदुल वार्ड क्रमांक 11 के चीता कालोनी रिहाईशी इलाके के निकट एक क्वारंटीन सेन्टर बनाया गया है । इस सेंटर से बमुश्किल 5 मीटर की दूरी पर ही पूरी बस्ती है। साथ ही एनएमडीसी के आवासीय परिसर भी है जिसमें कर्मचारी निवासरत है। एनएमडीसी प्रबंधन कर्मचारियों की मांग पर तत्काल राहत पहुंचाते हुए अपने कर्मचारियों को वहाँ से दूसरी जगह शिफ्ट कर रहा है । जबकि सेंटर के पास की बस्ती में करीब 100 लोगो का परिवार निवासरत है जिनमें लोग डेयरी का संचालन करते है। डेयरी संचालक झरने से आने वाले पानी का उपयोग खुद के लिए और अपने गाय और जानवरों के लिए करते है।

डेयरी संचालकों का आरोप है कि जवान खिड़कियों की जाली निकाल दिए है और बाहर थूकते हैं, जहां पहाड़ी झरने का पानी बहता है , इसके साथ ही वे लोग कचरे भी इधर उधर फेंकते हैं, इससे लोगों में दहशत व्याप्त है, कुछ लोगों ने इन जवानों के बाहर घूमते हुए फोटो खींच कर भी रखा है।
क्वारंटीन सेंटर बस्ती के महज कुछ दूरी पर होने से डेयरी संचालकों में कोरोना के संक्रमण फैलने को लेकर काफी दहशत है इसलिए क्वारंटीन सेंटर वहाँ से हटाने के लिए नेताओ और अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे है ।

लोगो की परेशानियों को देखते हुए निर्दलीय पार्षद अब्दुल हमीद सिद्दीकी ने अधिकारियों को इस सम्बंध में अवगत करवाते क्वारंटीन सेंटर को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।

तहसीलदार पुष्पराज पात्रे ने कहा कि क्वारंटीन सेंटर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किया गया है। बचेली के 180 सीआईएसएफ जवानों को क्वारंटीन किया गया है जितने सेंटर से वो फूल हो गए है इसलिए इन्हें किरंदुल में शिफ्ट किया गया है । एक रूम में 2 या 3 जवानों को अब रखा जा रहा है । रूम को बाहार से ताला भी लगाया जा रहा है ।

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