Home » विचार » क्रांतिकारी सोनू मरावी “रुद्र” की आत्महत्या पाखंड की जीत :रोशनी बंजारे
विचार

क्रांतिकारी सोनू मरावी “रुद्र” की आत्महत्या पाखंड की जीत :रोशनी बंजारे

Read Time2 Second

दिमाग स्वीकार कर ही नहीं पा रहा कि सोनू अब इस दुनिया मे नही है..

सोनू राजनीतिक चिंतक, क्रांतिकारी कवि तथा सामाजसेवक था..दलित,आदिवासियों और समूची मानवता के लिए उसका सेवा भाव देखने योग्य था…

महज़ 22 साल की उम्र में सशक्त राजनीतिक समझ तथा आदिवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सोनू की बड़ी सकारत्मक पहचान बनी हुई थी ..

उसकी लिखी एक कविता”मेरा आदिवासी होना ही मेरी हत्या के लिए काफी है” काफी प्रचलित हुई….

सोनू की मौत का कारण आत्महत्या बताई जा रही है ..

पर क्या यह आत्महत्या वाकई आत्महत्या है…

क्या सोनू की हत्या समाज और परिवार में पसरी अंधश्रद्धा नहीं …अपनी जड़ें जमा चुका मनुवाद नहीं..

गौरतलब है कि आदिवासी समाज में रावण को पूजनीय माना गया है….
प्रकृति पूजक इस समाज मे मूर्ति पूजा निषेध है…
परन्तु स्वयं के घर मे ही दुर्गा की स्थापना को लेकर सोनू काफी विचलित था…

घर मे वैचारिक असमानता के कारण मानसिक एकांकीपन ने उसके दिलो दिमाग मे नकारत्मकता भर दी…

अंततः पाखंड की जीत हुई और ऊर्जावान क्रन्तिकारी साथी हमारे बीच से हमेशा हमेशा के लिए विदा हो गया…

अपने सुसाइड नोट में सोनू ने संघर्ष के सभी साथियों से उसकी इस लड़ाई को जारी रखने का आह्वान किया है…
पत्र के अंत मे love gondwana भी लिखा है..
प्रकृति और समाज के लिए इतना प्रेम …देख कर हृदय डूब जाता है…

उसने ढोंग और आडम्बर पर वार करने के लिए खुद को न्यौछावर कर दिया..

किसी की भवना आहत करना हमारा उद्देश्य नहीं है… लेकिन क्यों सोनू के घर मे स्थापित दुर्गा की प्रतिमा ने फांसी पर झूलते सोनू को नहीं बचाया???

सब कुछ देखने वाला वह ईश्वर क्यों नहीं देख पाया अवसाद में जाते सोनू को??

क्या मूलनिवासी समाज सोनू की शहादत को समझ पायेगा??

सोनू की मौत के साथ अनेक सवालों का जन्म हुआ है…

आदिवासियों के विस्थापन से लेकर …जल जंगल ज़मीन की रक्षा के लिए सोनू ने हर मंच से अपनी आवाज़ बुलंद की है….अब हमें इस कारवां को आगे ले जाना होगा…

सोनू हम सब मे जीवित है….और हमेशा रहेगा

सेवा जोहार …हुल जोहार…
उलगुलान जारी रहे….पेन जोहार

  • लेखिका रोशनी बंजारे “चित्रा” स्वतंत्र लेखक, युवा कवयित्री और सामाजिक चिंतक हैं.

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Khabari Chidiya उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार Khabari Chidiya के नहीं हैं, तथा Khabaro Chidiya उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

1 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
100 %