बस्तर

कोरोना महामारी के बीच दंतेवाड़ा के आश्रय स्थल में ठहरे मजदूरों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान

सरकारी खबर @ दंतेवाड़ा कोरोना वायरस-कोविड-19 वैश्विक महामारी के संकट काल में लॉकडाउन में विभिन्न राज्यों के मजदूर जिले में फंस गए थे, जिला प्रशासन दंतेवाड़ा ने तत्काल प्रभाव से कई राहत शिविरों का निर्माण करा वहां मजदूरों को आश्रय दिया, ऐसी विकट परिस्थिति में उनके रहने ,खाने सहित स्वास्थ्य तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गयी, जहां वे अपने घर से दूर होकर भी सुरक्षित और खुशहाल महसूस कर रहे हैं ।


प्री मेट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास दंतेवाड़ा में आश्रय लिए हुए बुबनपल्ली जिला मलकानगिरी के भीमा, सिंगा ,हिरमा और तम्मया नाम के मजदूर सेनेटरिंग का काम करने यहां आए थे पर लॉकडाउन के कारण वापिस ओडिशा नहीं जा पाए, जो आश्रय स्थल पर रह रहे हैं साथ ही मुज्जफरनगर उत्तरप्रदेश के रहने वाले जावेद खान अपने साथी फारुख और गुलबार के साथ भी इस आश्रय स्थल में रह रहे हैं, इनका कहना है आंखों में सपनों की जगह अभी आंसुओं ने ले ली है, वह परेशान हैं, हैरान हैं, सोच नहीं पा रहे हैं कि हम कैसे अपने घर को चलाएंगे, अभी काम करने के दिनों में हम यहां अपने घर अपने गांव अपने प्रदेश से मीलों दूर हैं, पर दिल में सुकून इस बात का हैं कि विश्वव्यापी कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी की समस्या में भी हम यहां दंतेवाड़ा में पूरी तरह से सुरक्षित हैं… यहां की प्रशासन हमारी बहुत अच्छे से देखभाल कर रही है, उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल तथा जिले के कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा को तहे दिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में आप हमारे लिए विघ्नहर्ता के समान है, उन्हें आशा ही नहीं पूरा विश्वास भी हैं कि संकट की यह घड़ी जल्द ही बीत जाएगी और फिर से वह अपने घरों को लौट पाएंगे और अपने परिवार से मिल पायेंगे।

भिन्न-भिन्न राज्यों के मजदूर को मिला आश्रय:-
कोरोना वायरस कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण लॉकडाउन में काफी बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं ऐसी भयावह स्थिति में वह अपने घर-परिवार से दूर हैं, यह बात उन्हें बेहद खल रही है परंतु से कोरोना के खिलाफ लड़ने में प्रशासन के साथ हैं, दंतेवाड़ा जिले में उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा राज्यों के मजदूर सेनेटरिंग, मिस्त्री, निर्माण कार्य सहित अन्य कार्यों के लिये आये हुए थे जो लॉकडाउन की वजह से वापस अपने राज्य नहीं जा पाए, जिनमें से 07 मजदूर दंतेवाड़ा में, 30 मजदूर बचेली के राहत शिविर में तथा 32 ठेकेदार के संरक्षण में हैं, जहाँ उनके रहने, खाने की पूरी व्यवस्था की गई है, इनके आश्रय स्थल पर बकायदा सोशल डिस्टेंस का पूरा-पूरा ध्यान रखा गया है।

महाराष्ट्र के बंजारों को भी शरण:-
ऐसा नहीं हैं कि केवल आश्रय स्थल पर ही अन्य राज्यों के मजदूर शरण लिए हुए हैं रह रहे हैं, महाराष्ट्र से आए 188 बंजारो के लिए भी जिला प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की है, जिला प्रशासन की ओर से उनके रहने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है साथ ही उनके खाने के लिए जिला खाद्यान्न बैंक से चावल, दाल, मसाले सहित अन्य दैनिक आवश्कता की वस्तुयें प्रदाय की जा रही है, इनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, साथ ही सभी की ज़रूरतों को ध्यान में रख कर हर सम्भव मदद की जा रही है।

अन्य को भी दिया जा रहा राशन:-
जिले के जिन जरूरतमंदों के पास राशनकार्ड नहीं है उन्हें भी जिला प्रशासन के द्वारा अनाज का वितरण किया जा रहा है, अब तक जिले में 455 निराश्रित, गरीब, मजदूर को गर्म पका हुआ भोजन कराया गया है, साथ ही 4159 जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क राशन का भी वितरण किया गया, जिले के कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा स्वयं इन राहत शिविरों का समय-समय पर निरीक्षण कर रहें हैं, कलेक्टर श्री वर्मा ने तहसीलदार, सीएमओ की अगुवाई में बकायदा टीम बनाकर सभी फसें हुए मजदूर, आश्रयहीन लोगों की पहचान कर उन्हें सारी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

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