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मुजफ्फरपुर में देश के हीरो लड़ रहे चमकी बुखार से जंग, आइये हम भी लड़े

खबरी चिड़िया @ पटना चमकी बुखार का दर्द मुजफ्फरपुर ने हमें जितना दिया वह दर्द कम करने की जहमत बिहार में दिल्ली से गए कुछ छद्म पत्रकारों ने और बढ़ा दिया था। लेकिन मुजफ्फरपुर में पत्रकारिता के ऐसे साथी भी गए जिन्होंने मानवता कि मिशाल पेश की है। आइये जानते हैं।

Photo: Avinash Karn

अपने फेसबुक वॉल पर सर्वेश तिवारी लिखते हैं ये साहब हैं आनन्द दत्ता ( Anand Dutta ) एक बेहतरीन पत्रकार, फोटोग्राफर, मैं इनसे कभी नहीं मिला हूँ… रांची में रहते हैं। बिहार के कुख्यात चमकी बुखार के खिलाफ जागरुकता अभियान में जमकर लगे हुए हैं…कल शाम रांची से चले, सुबह मुजफ्फरपुर पहुंचे। अस्पताल में कैम्प किया… पब्लिक फंडिंग से प्राप्त पैसों से पहले मरीज के परिजनों के लिये खाने का इन्तजाम कराया… फिर पीने के पानी की व्यवस्था में जुट गये। दो वाटर प्यूरिफायर लगवा चुके हैं, तीसरा लगवा रहे हैं। इस बीच इनकी नजर गयी कि अस्पताल परिसर में 13-14 प्यूरिफायर पहले से लगे हैं, जो छोटी-छोटी गड़बड़ी की वजह से बन्द हैं, सो उनको ठीक कराने में जुट गये… फिर नजर गयी कि परिजनों के बैठने की जगह लगे कई पंखे खराब हैं, इसके लिये इलेक्ट्रिशियन बुला लिए… मुश्किल से 70-80 हजार रुपये खर्च हुए होंगे, लेकिन इन्होने मरीज के परिजनों के खाने-पीने और इस भीषण गर्मी में चैन से बैठने की व्यवस्था कर दी है… आनंद दत्ता ने अपनी वाल पर लिखा है कि शुरुआती काम हो चुका, भले ही अब पैसा मत भेजिए, परन्तु गाँव-गाँव जाकर चमकी बुखार के खिलाफ जमीन पर काम करके जागरूकता अभियान के लिए वालंटियरों की अधिक आवश्यकता है… इसे कहते हैं पत्रकारिता… और अभी उमर भी ज्यादा नहीं है बंदे की… बाकी नेता-अभिनेता और दिल्ली के फाईव स्टार पत्रकार तो आते हैं, चेहरा चमकाते हैं… आश्वासन देते हैं और निकल लेते हैं… ट्विटर पर दिन भर चहचहाने वाले “सेलेब्रिटी”, क्रिकेट और प्रियंका चोपड़ा पर ट्वीट करते हैं, लेकिन बच्चों की मौत पर नहीं… पंखे और पानी जैसी छोटी-छोटी बातों की तरफ भला बड़े-बड़े लोगों का ध्यान कैसे जाएगा…

Photo: Avinash Karn

Anand Dutta की फेसबुक वॉल से: मुज़फ्फरपुर में कुछ पत्रकारों, छात्रों की टीम गयी है मदद पहुंचाने। उनको कुछ आर्थिक मदद की जरूरत है। वो ग्लूकॉन डी, थरमामीटर, पानी, दवाई लेकर गांव-गांव घूम रहे हैं। ताकि जहां तक संभव हो, कुछ बच्चों को हॉस्पिटल आने से पहले ठीक किया जा सके। आपसे मदद की दरकार है।
AC- 00031140291318
Name ANAND KUMAR DUTTA
Ifsc code – HDFC0000003
Bank- HDFC
8467035941 (satyam jha)
Paytm v hai aur google pay v

फ़ोटो: विकास कुमार

पत्रकार विकास कुमार लिखते हैं वैसे तो मुज़फ़्फ़रपुर ने बहुत दर्द दिया है। 150 से ज़्यादा बच्चों की मौत का बोझ कम हो ही नहीं सकता लेकिन अगर ये युवा चेहरे आगे नहीं आते तो हम ना जाने कितनी और मौतें गिनते। जो सामने हैं वो तो हैं हीं। इनके चेहरों में उन सबकी छवि भी है जो परदे के पीछे हैं या आपना हिस्सा करके आगे बढ़ गए। सबका नाम याद नहीं। उम्मीद है कि सभी साथी ख़ुद को फ़ोटो में टैग कर लेंगे। ये इतने ही नहीं हैं। मेरी मुलाक़ात इतनों से ही हो सकी। 28 मिनट लम्बा वीडियो आज इन नायकों के साथ शूट करने के बाद ये सेल्फ़ी ली गई है। इंटरनेट नहीं मिलने की वजह से फ़ाइल ट्रांसफ़र नहीं हुआ। वीडियो सोमवार को चलेगा। मुझे ख़ुद इस वीडियो के चलने का इंतज़ार है। मेरा यक़ीन मानिए जो कहानियाँ ये सब आज सुना गए वो कोई पत्रकार बता सुना नहीं सकता। Anand तुम्हें मेरे साथ फ़ोटो खिंचवाने का मौक़ा नहीं मिला।

Photo: Avinash Karn

पत्रकार Rohin Kumar लिखते हैं… कल Satyam बता रहा था कि वो स्टोरी करने मुजफ्फरपुर आया था. लेकिन यहां के हालात देखकर वो यहीं रूक गया. इनमें से ज्यादातर लोग पत्रकार हैं. वे अलग-अलग वेब पोर्टल के लिए रिपोर्टिंग करते हैं. इन्होंने एक भरोसा दिया है कि पत्रकार एक्टिविस्ट हो सकता है. बिना बाइलाइन की चिंता किए सब लगे हुए हैं. कोई ‘सबसे पहले मैं’ का दावा नहीं करता. Anand Dutta को खूब सारा प्यार रहेगा. इन पत्रकारों ने उस वैक्यूम को भरने की कोशिश की है जिसे ‘वरिष्ठों’ ने क्रिएट किया है. दिल्ली से पहुंचे पाराशूट पत्रकारों को भी यही लोग मदद करते हैं. स्टोरी आइडिया से लेकर लोकल सोर्स तक. Pushya Mitra जी के पहल को आने वाले वक्त में भी याद किया जाएगा.मेरी चिंता भी इसके साथ ही जुड़ी है. कहीं सरकारी महकमा इसे ट्रेंड न समझने लगे. यह एक आपदा के वक्त की सक्रियता हो सकती है लेकिन क्राउडफंडिंग से कुपोषण की समस्या दूर नहीं होगी. उसके लिए राजनीति को जिम्मेदार ही बनाना पड़ेगा. अगले वर्ष बिहार विधानसभा का चुनाव होना है और विपक्ष की ओर से लगता ही नहीं कि ये कोई राजनीतिक मुद्दा होगा. सत्ता पक्ष में चिंतित नहीं है कि ये मामला उन्हें मुश्किल में डाल सकता है.

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