अभिव्यक्ति

अभिव्यक्ति: वंचित समुदाय के मज़दूरों की मौत का सिलसिला रुके

आलोक पुतुल @ रायपुर

छत्तीसगढ़ के क्वारंटिन सेंटर

‼️ 14 मई 2020: सारंगढ़ क्वारंटिन सेंटर-अर्जुन निषाद, 27 साल, फांसी से मौत.

‼️ 17 मई 2020: किरना, मुंगेली क्वारंटिन सेंटर-पुणे से पैदल लौटे 31 साल के योगेश वर्मा की सांप काटने से मौत.

‼️ 18 मई 2020: परसवानी क्वारंटिन सेंटर, बालोद-सूरज यादव,29 साल, फांसी से मौत.

‼️ 18 मई 2020: सीताकसा क्वारंटिन सेंटर, राजनांदगांव-बुधारु राम, 28 साल, सांप काटने से मौत

‼️ 19 मई 2020: सेमली लेंजुवा पारा क्वारंटिन सेंटर, बलरामपुर-ड्यूटी कर रहे शिक्षक सियारत भगत की मौत

‼️ 20 मई 2020: सेमरिया क्वारंटिन सेंटर, बेमेतरा- राजू ध्रुव 35 साल की मौत.

‼️ 21 मई 2020: मुलमुला क्वारंटिन सेंटर, जांजगीर- बीरबल माहेश्वरी 35 साल की मौत.

वंचित समुदाय के इन मज़दूरों की मौत का सिलसिला भी रुकना चाहिये और दुनिया भर की मुश्किलों से जूझते हुये किसी तरह अपने घर पहुंचे इन मज़दूरों की मौत की जिम्मेवारी भी तय होनी चाहिये.

(संपादन: नाम, पता, तारीख. उम्र के बाद भी कुछ लोग पूछ रहे हैं कि इनकी मौत हुई है, इसका कोई प्रमाण है क्या? उनकी ही तर्ज पर पूछने का मन कर रहा है कि इन सबकी लाश आपके घर भिजवा दी जाएगी, तब ही मानेंगे क्या? मारे गये सभी लोगों के नाम हैं. नाम को गूगल ही कर लेते या पुराने अखबारों के पन्ने ही पलट लेते !)

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