छत्तीसगढ़

इस प्रत्याशी ने चुनाव में नहीं किया एक रूपईया भी खर्च अब रिटर्निंग ऑफिसर को नोटिस का कैसे देंगे जवाब

खबरी चिड़िया @ बिलासपुर एक ऐसा प्रत्याशी जिसने चुनाव में एक रुपया भी खर्च नहीं किया हो| उससे चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा हिसाब माँगा गया तो इसका जवाब देने वो उच्च न्यायालय जाने का मन बना चुके हैं| मामला छत्तीसगढ़ के  बिलासपुर लोकसभा सीट का है  यहाँ के बिलासपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी शम्भू प्रसाद शर्मा हैं | भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी शम्भू प्रसाद शर्मा को रिटर्निंग कार्यालय से निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर नोटिस दिया गया है | शम्भू जी कहते हैं कि  मैंने चुनाव मेंएक रुपया भी खर्च नहीं किया हैं इसका जवाब मैं हाईकोर्ट में दूँगा |

शम्भू प्रसाद शर्मा

बिलासपुर लोकसभा सीट से भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी शम्भू प्रसाद शर्मा कांग्रेस , भाजपा और अन्य पार्टियों के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। वे इस चुनाव में सिर्फ लोगों को मतदान और उसके ताकत से जागरूकता लाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उनका कहना हैं कि देश मे भ्र्ष्टाचार सिर्फ इसलिए हावी हो गया हैं क्योंकि हर चुनाव में चाहे वह विधानसभा का हो या लोकसभा का , हर चुनाव में राजनीतिक पार्टिया मतदाताओं को सिर्फ लुभावना सपना दिखाती हैं। पार्टिया अपने घोषणा पत्र में लोगों को कहती हैं कि अगर आप हमें जीता देंगे तो आपके लिए हम ये करेंगे वो करेंगे लेकिन वादा पूरा नहीं किया जाता। सबसे बड़ी बात तो ये हैं कि किसी भी पार्टियों को अपने घोषणा पत्र में लोक लुभावन वादे नहीं करना चाहिए। सुप्रीमकोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार घोषणा पत्र साफ और स्वच्छ होना चाहिए। जिसमें मतदाताओं उनके मताधिकार और उसके पॉवर के बारे में जानकारी दिया गया हो। शम्भू का कहना हैं कि उन्होंने भी घोषणा पत्र तैयार किया हैं। उनके घोषणा पत्र को बिलासपुर के तत्कालीन कलेक्टर पी.दयानंद ने भी सुप्रीमकोर्ट के तय मानकों के अनुरूप होना पाया था। बतादें की शम्भू प्रसाद शर्मा ने 2018 विधानसभा चुनाव में कोटा विधानसभा क्षेत्र से रेणु जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और पराजित होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में छत्तीसगढ़ के द्वितीय चरण चुनाव में रेणु जोगी समेत 72 निर्वाचित विधायकों और अन्य पार्टियों के घोषणा पत्र को चुनौती देते हुए 2018 के चुनाव को शून्य करने की मांग की हैं। मामले में हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद कई लोगों को नोटिस जारी किया हैं। जिसमे अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी हैं।

वकील योगेश्वर शर्मा

शम्भू के पुत्र एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

योगेश्वर शर्मा ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा हैं कि आज के युग मे राजनैतिक पार्टियों द्वारा जारी किये गए घोषणापत्र भोली भाली जनता को बेवकूफ बना कर वोटबैंक की तरह इस्तेमाल कर रहें हैं , पर क्या चुनाव आयोग ने पूर्व चुनाव में दिए गए घोषणा पत्र पर संज्ञान लेकर पार्टियों से पूछा कि आयोग के नियमों का कितना परिपालन किया गया या अमल किया गया ? अगर नहीं तो क्यो नहीं आपके चुनाव लड़ने की मान्यता रद्द की जाए। योगेश्वर का कहना हैं कि इससे सिद्ध होता हैं कि लोकतंत्र की हत्या करने में आयोग शामिल हैं।

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