बस्तर

नगरपालिका से अलग अपना ग्राम पंचायत वापस पाने बचेली में हजारों ग्रामीण धरने पर बैठे

मंगल कुंजाम @ बचेली नगरपालिका बड़े बचेली एनएमडीसी प्रवेश द्वार के सामने में बचेली ग्राम स्थित 11 पारा के ग्रामीणों ने पंचायत बनाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया है। सर्व आदिवासी समाज इकाई बचेली के सचिव सुखराम ने बताया कि हमारे 11 पारा को पंचायत में वापस शामिल नहीं करने पर आने वाले आगामी नगरपालिका चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

इनका आरोप है कि जब नगरपालिका में हमारे गांव को शामिल किया गया उस समय हम ग्रामवासियों को किसी तरह कोई सूचना तक नहीं दी गई। जबकि सम्पूर्ण बस्तर संभाग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) के तहत पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में आता है। किसी भी तरह कोई भी गांव की समस्या हो तो ग्राम पंचायत का अपना विशेष अधिकार है ? ग्राम सभा कर लोगो से सहमति लिए बिना इस तरह ग्राम पंचायत को नगरपालिका में शामिल करना भारतीय संविधान का उल्लंघन है।

आगे कहते हैं कि पिछले 10 वर्षों से वे माननीय राष्ट्रपति, राज्यपाल और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देते रहे हैं किन्तु अब तक इनकी माँगों पर कोई करवाई नही हुई, इसीलिए आज यहां एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर फिर से माननीय राज्यपाल महोदय और मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन दिया जा रहा है।

बचेली में धरना सुबह 7 बजे हाई स्कूल ग्राउंड में जमा होकर रैली के मध्यम से एनएमडीसी प्रवेश द्वार के सामने पहुँची और करीब 10 घंटे तक धरना चलता रहा। धरना स्थल पर पहुँचे बड़े-बचेली तहसीलदार पुष्पराज पात्र के माध्यम से ज्ञापन सौपा गया।

आदिवासी समाज के हजारों ग्रामीण अपनी परम्परागत नृत्य ढोल डाका के साथ धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। इस धरना प्रदर्शन को साथ देने पहुंचे सर्व आदिवासी समाज दंतेवाड़ा के अध्यक्ष सुरेश कर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की बिना सहमति के नगरपालिका में शामिल करना बहुत ही निंदनीय है। हम इसका विरोध करते हैं और संविधान के अनुसार माने तो बस्तर में नगर पालिका का सृजन ही असंवैधानिक है।

बस्तर में नगर पालिका का निर्माण किसी भी तरह से किया जाना असंवैधानिक है। यहाँ पंचायतों को जोड़ तोड़कर नगरपालिका एवं नगर पंचायत बनाया जा रहा है हम इसका विरोध करते है और आने वाले समय मे नगरपालिका नगर पंचायत जो पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में स्थापित किया गया है उन सबका विरोध होगा।

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