बस्तर

लॉक डाउन: दंतेवाड़ा में महिला समूहों ने 6240 क्विंटल वनोपज की खरीदी कर ग्रामीणों को किया ₹18975805 का भुगतान

  • दंतेवाड़ा जिले में साढ़े 22 हजार संग्राहकों से एक करोड़ 90 लाख रुपये की वनोपज की हुई खरीदी

सरकारी खबर @ दंतेवाड़ा कोरोना वायरस कोविड-19 के संभाव्य प्रसार के नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर घोषित लॉक डाउन के दौरान दन्तेवाड़ा जिले के ग्रामीण संग्राहकों द्वारा जंगलों और अपने मरहान से संग्रहित किये गये वनोपज आज उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक साबित हो रही है। जिले में वन विभाग के द्वारा 7 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के जरिये वन धन विकास योजनान्तर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 60 महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से लघु वनोपज का संग्रहण किया जा रहा है। इन महिला समूहों द्वारा अपने गांवों सहित प्रमुख बसाहटों में लघु वनोपज का संग्रहण कर तत्काल संग्राहकों को नकद भुगतान किया जा रहा है।

राज्य शासन के मंशानुरूप वन धन विकास योजनांतर्गत महिला स्व सहायता समूहों द्वारा जिले में अब तक 5 हजार 989 क्विंटल आटी इमली,120 क्विंटल महुआ फूल,28 क्विंटल हर्रा,30 क्विंटल बेहड़ा,67 क्विंटल चरोटा बीज सहित फूलझाडू, कालमेघ,धवई फूल,नागरमोथा इत्यादि अन्य लघु वनोपज की खरीदी की गई है। जिले के नकुलनार, मोखपाल, कटेकल्याण, दन्तेवाड़ा, बड़ेतुमनार, गीदम एवं बारसूर समितियों के अंतर्गत कुल 22 हजार 496 संग्राहकों से खरीदे गये उक्त 6 हजार 240 क्विंटल वनोपज में से 3 हजार 735 क्विंटल वनोपज का भंडारण कोल्ड स्टोरेज दन्तेवाड़ा में किया गया है और शेष वनोपज का भण्डारण हेतु परिवहन किया जा रहा है। वनमंडलाधिकारी दन्तेवाड़ा श्री संदीप बलगा ने इस बारे में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किये जा रहे वनोपज का भुगतान संग्राहकों को त्वरित किया जा रहा है।

इस दिशा में अब तक कुल 22 हजार 496 संग्राहकों को एक करोड़ 89 लाख 75 हजार 805 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही वन विभाग के उप वनमंडलाधिकारियों, रेंज आफिसरों सहित अन्य मैदानी अमला और प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के द्वारा सभी ईलाकों में महिला स्व सहायता समूहों को उच्च गुणवत्ता के वनोपज संग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु सोशल डिस्टेंस सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पालन करने की समझाईश दी जा रही है। जिसके तहत वनोपज संग्रहण के दौरान एक-दूसरे से निर्धारित एक मीटर की दूरी, मास्क पहनने या गमछे-रुमाल से फेस कवर करने इत्यादि के बारे में महिला समूहों को अवगत कराया जा रहा है। वहीं ग्रामीण संग्राहकों को भी इस सम्बंध में जागरूक किये जाने कहा जा रहा है। जिले में वन धन विकास योजनान्तर्गत वनोपज संग्रहण कार्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला समूहों की व्यापक भागीदारी के बारे में सीईओ जिला पंचायत दन्तेवाड़ा श्री सच्चिदानंद आलोक कहते हैं कि ग्रामीण संग्राहकों को उनके लघु वनोपज का वाजिब दाम मिले और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने की दिशा में इन महिला समूहों की सक्रिय योगदान सराहनीय है। जिले में इन महिला समूहों की सहभागिता से आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा वनोपज का संग्रहण होने की उम्मीद है।

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